जहानाबाद में सर्व सेवा समिति संस्था 4S इंडिया के तत्वावधान में “उत्थान कॉन्क्लेव” का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा मंच प्रदान करना था, जहां उत्थान परियोजना के अंतर्गत किए गए कार्यों के साथ-साथ अन्य संस्थाओं द्वारा छोटे और सीमांत किसानों की आय वृद्धि के लिए किए जा रहे प्रयासों को साझा किया जा सके।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए 4S इंडिया के निदेशक मिहिर सहना ने बताया कि उत्थान परियोजना पिछले तीन वर्षों से लगातार छोटे, सीमांत और भूमिहीन किसानों के साथ जुड़कर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सर्व सेवा समिति संस्था, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सहयोग से जहानाबाद और मखदुमपुर प्रखंड के आठ गांवों में करीब 3100 किसानों के साथ कार्य कर रही है।

उन्होंने किसानों की प्रमुख समस्या पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खेती में बढ़ती लागत और कम मुनाफा एक बड़ी चुनौती है। इस समस्या के समाधान के लिए संस्था द्वारा जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। किसानों को जैविक खाद, जैविक कीटनाशक, टॉनिक और फफूंदनाशकों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही विभिन्न फसलों पर प्रदर्शन प्लॉट के माध्यम से उन्हें जागरूक किया जा रहा है।
किसानों तक जैविक संसाधनों की आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए बायो रिसोर्स सेंटर भी स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा भूमिहीन किसानों के लिए मुर्गी और बकरी पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है, साथ ही उनके नियमित टीकाकरण की व्यवस्था की गई है। इसके परिणामस्वरूप कई परिवार सालाना 15 से 20 हजार रुपये तक की अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं।
कॉन्क्लेव में यह भी बताया गया कि बटन मशरूम की खेती किसानों के लिए आय का एक नया और प्रभावी स्रोत बनकर उभर रहा है। धीरे-धीरे किसान इसे अपना रहे हैं और इसमें उनकी भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
कुल मिलाकर, यह कॉन्क्लेव किसानों की आय बढ़ाने, टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।


