जहानाबाद में विकसित भारत-जी राम जी (मनरेगा) योजना में फर्जी हाजिरी लगाने का बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि नकली और क्लोन मोबाइल ऐप के जरिए मजदूरों की फर्जी उपस्थिति दर्ज कर सरकारी राशि का गबन किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, एनएमएमएस (NMMS) ऐप में मजदूरों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए चेहरा और लोकेशन सत्यापन अनिवार्य है, लेकिन हैकर्स द्वारा तैयार किए गए क्लोन ऐप से इस सुरक्षा व्यवस्था को धता बताया जा रहा है। आरोप है कि किसी भी स्थान से केवल फोटो अपलोड कर मजदूरों की हाजिरी बना दी जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, पहले रतनी प्रखंड में यह मामला सामने आया था, अब सदर प्रखंड में भी फर्जी हाजिरी का खेल तेजी से फैल गया है। बताया जा रहा है कि नकली ऐप्स की खरीद-बिक्री 5 हजार से 7 हजार रुपये तक में हो रही है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो सदर प्रखंड के अमैन पंचायत में एक ही दिन में करीब 981 मजदूरों की हाजिरी दर्ज की गई। वहीं नौरू पंचायत में लगभग 940 मास्टर रोल तैयार किए गए। मांडे बिगहा पंचायत में भी 931 मास्टर रोल बनाए जाने की जानकारी सामने आई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नकली एनएमएमएस ऐप के जरिए फर्जी उपस्थिति बनाकर सरकारी राशि का लाखों रुपये का गबन किया जा रहा है, जबकि वास्तविक मजदूरों के हक पर डाका डाला जा रहा है।


