Wednesday, February 4, 2026

पिता को संगठनात्मक मर्यादा की नसीहत: संतोष सुमन, राज्यसभा बयान पर जताई असहमति

जहानाबाद के सर्किट हाउस पहुंचे मंत्री संतोष सुमन ने मीडिया से बातचीत के दौरान अपने पिता और पार्टी के संरक्षक जीतन राम मांझी को संगठनात्मक मर्यादा को लेकर नसीहत दी। उन्होंने कहा कि जीतन राम मांझी पार्टी के वरिष्ठ नेता और संरक्षक हैं, इसलिए संगठन के विस्तार को लेकर उनकी इच्छाएं स्वाभाविक हैं,

लेकिन किसी भी मुद्दे को पार्टी के उचित मंच पर ही रखा जाना चाहिए।मंत्री संतोष सुमन ने स्पष्ट किया कि मीडिया के माध्यम से संगठनात्मक या राजनीतिक विषयों को उठाने से परहेज करना बेहतर होता है, क्योंकि इससे सहयोगी दलों के बीच अनावश्यक असहजता पैदा हो सकती है।

दरअसल, एक दिन पहले जहानाबाद दौरे के दौरान जीतन राम मांझी ने राज्यसभा सीट को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी राय रखी थी। इससे पहले भी वे एनडीए के घटक दलों और हाल ही में उपेंद्र कुशवाहा को लेकर बयान देते रहे हैं। इन बयानों के बाद राजनीतिक हलकों में सहयोगी दलों के बीच खटास की चर्चा सामने आती रही है। ऐसे में संतोष सुमन का यह बयान पार्टी के भीतर संवाद, अनुशासन और मर्यादा पर जोर देने के रूप में देखा जा रहा है।विकास कार्यों पर भी रखा पक्षमीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री संतोष सुमन ने सरकार की उपलब्धियों और विकास योजनाओं पर भी प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि गया और जहानाबाद में विकास कार्य तेज गति से चल रहे हैं।उन्होंने बताया कि गया में औद्योगिक कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में रोजगार और उद्योग के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जहानाबाद को मेट्रो परियोजना से जोड़ने को लेकर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है।

राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चामंत्री संतोष सुमन के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई है। एक ओर उन्होंने अपने पिता के अनुभव और योगदान को सम्मान दिया, वहीं दूसरी ओर पार्टी के भीतर ही मुद्दों को सुलझाने का स्पष्ट संदेश भी दिया।

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